...लो आ गई फिर वहीं दिवाली| 🏮🎆✨🏵️🪔
लो आ गई फिर वहीं दिवाली
लेके नए सपनो की झोली|
COVID ने कुछ परिजन छिने|
पर मुश्किलों में नए रिश्ते है बने|
फिरसे सबको साथ बुलाए|
आओ मिलके जश्न मनाए|
किसीने अपना काम गवाया|
महंगाईने तो सबको रुलाया|
अब नई उम्मीदें जगाए|
आओ मिलके जश्न मनाए|
धर्म के लिये कहीं सिर भी फोडा|
सडकोपे किसान है खडा|
अब हमदर्दीसे अहंकार है बडा|
झुठी दुश्मनींने न किसीको छोडा|
चारों तरफ नफरत और शक है बढा|
ये किसने हम-तुमको तोडा?
फिरसे मुठ्ठी मजबूत बनाए|
आओ मिलके जश्न मनाए|
अब न चलाए कोई लाठी और गोली|
फिर हर घर में सजे रंगोली|
थामलो हाथ और देदो ताली|
लो आ गई फिर वहीं दिवाली|
चलो खुशिओंके दिये जलाए|
आओ मिलके जश्न मनाए|
🏮🎆✨🏵️🪔
