Monday, November 1, 2021

...लो आ गई फिर वहीं दिवाली|

 

...लो आ गई फिर वहीं दिवाली| 🏮🎆✨🏵️🪔

 

लो आ गई फिर वहीं दिवाली

लेके नए सपनो की झोली|

 

COVID ने कुछ परिजन छिने|

पर मुश्किलों में नए रिश्ते है बने|

फिरसे सबको साथ बुलाए|

आओ मिलके जश्न मनाए|

 

किसीने अपना काम गवाया|

महंगाईने तो सबको रुलाया|

अब नई उम्मीदें जगाए|

आओ मिलके जश्न मनाए|

 

धर्म के लिये कहीं सिर भी फोडा|

सडकोपे किसान है खडा|

अब हमदर्दीसे अहंकार है बडा|

झुठी दुश्मनींने न किसीको छोडा|

चारों तरफ नफरत और शक है बढा|

ये किसने हम-तुमको तोडा?

 

फिरसे मुठ्ठी मजबूत बनाए|

आओ मिलके जश्न मनाए|

 

अब न चलाए कोई लाठी और गोली|

फिर हर घर में सजे रंगोली|

थामलो हाथ और देदो ताली|

लो आ गई फिर वहीं दिवाली|

चलो खुशिओंके दिये जलाए|

आओ मिलके जश्न मनाए|

🏮🎆✨🏵️🪔

 

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